February 26, 2017

इंसान बिकता है….

नेकी की दूकान पर सम्मान बिकता है | पैसों की खातिर आज इंसान बिकता है || हसरतों की पहुँच इतनी ऊँची है आज , जहाँ देखो […]
February 26, 2017

घर जाने के बाद…..

आरजू जन्नत की लेकर दर ब दर भटका किये , जन्नत मिलती है पर, अपने घर जाने के बाद | छोड़कर मिट्टी के घर को, खेत-खलिहान […]
February 26, 2017

रातों में जगना….

रातों में जगना यूँ  करवट बदलना, नफ़ासत नहीं है तो फिर और क्या है ? यूँ अरमां मचलना,बलखाकर यूँ चलना, ये नज़ाकत नहीं है तो फिर […]
February 26, 2017

तेरी बातों का….

तेरी बातों का कुछ ऐसा असर हो गया है | तेरा दिल मेरा ख़्वाबों का घर हो गया है || मोहब्बत की भी है तो कुछ […]