December 26, 2017

जलवा मेरी ईमानदारी का…

बेईमानी से कमाकर भले तू मगरूर होगा, जलवा मेरी ईमानदारी का भी मशहूर होगा । मालूम है तुझे पाया नहीं सकता इस जन्म, चाहत फिर भी […]
December 26, 2017

हाल अपना ….

पूछते तो बताती मैं हाल अपना  । फिर भूल जाते तुम सवाल अपना ।। तुम भी बेवफा हो जाते किसी रोज़ । चला जाता दिल से […]
December 4, 2017

सबकुछ बदल ना जाये कहीं…

नफ़रत निगल ना जाये कहीं, सबकुछ बदल ना जाये कहीं । दहशतगर्दी बर्दाश्त करने वालों, तुम्हारा घर ही जल ना जाये कहीं । आओ बचालो सहमें […]
December 2, 2017

बुलाते तो….

मैं फूलों की तरह बिखर जाती, तेरी राहों से जो गुजर जाती | मुसाफिर थी तेरे ही सफर की, तुझको छोड़ कर किधर जाती | काश […]